LPG supply to industries को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिया है कि कई औद्योगिक क्षेत्रों को अब उनकी खपत के आधार पर 70% तक नॉन-डोमेस्टिक LPG उपलब्ध कराई जाए।
इस फैसले से उद्योगों को बढ़ती ऊर्जा मांग के बीच राहत मिलने की उम्मीद है।
🏭 किन सेक्टरों को मिलेगा फायदा
सरकार ने इस फैसले के तहत कई नए सेक्टरों को शामिल किया है:
- फार्मा और कृषि
- मेटल और सिरेमिक
- फाउंड्री और फोर्जिंग
- पैकेजिंग और पेंट
- यूरेनियम और हेवी वाटर
- ग्लास और एयरोसोल
पहले यह सुविधा स्टील, प्लास्टिक, फूड और केमिकल इंडस्ट्री तक सीमित थी, जिसे अब विस्तार दिया गया है।
📊 70% LPG आवंटन का नियम
नई व्यवस्था के तहत:
- उद्योगों को मार्च 2026 से पहले की खपत के आधार पर 70% LPG मिलेगी
- कुल आवंटन की सीमा 0.2 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन (TMT) तय की गई है
यह कदम ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित रखने के लिए उठाया गया है।
⚠️ विशेष उपयोग वाले उद्योगों को प्राथमिकता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि उन उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां LPG का उपयोग विशेष उत्पादन प्रक्रियाओं में होता है और प्राकृतिक गैस उसका विकल्प नहीं बन सकती।
इससे उन क्षेत्रों को राहत मिलेगी, जहां LPG अनिवार्य है।
🔄 पाइप्ड नेचुरल गैस की ओर बढ़ावा
सरकार ने उद्योगों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया है।
हालांकि, जिन क्षेत्रों में PNG उपयुक्त नहीं है, उन्हें LPG उपयोग की छूट दी गई है।
🌍 वैश्विक हालात का असर
ऊर्जा आपूर्ति पर वैश्विक परिस्थितियों का असर पड़ा है, खासकर प्रमुख समुद्री मार्गों में व्यवधान के कारण।
इसी के चलते सरकार ने चरणबद्ध तरीके से LPG आवंटन बढ़ाया है, ताकि उद्योगों को निरंतर आपूर्ति मिल सके।
🔍 आगे क्या असर होगा?
इस फैसले से उत्पादन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है और उद्योगों को ऊर्जा संकट से राहत मिल सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।












