Goa nightclub fire ED action मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने गोवा के चर्चित नाइटक्लब अग्निकांड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में करीब ₹17.45 करोड़ की संपत्ति अटैच कर ली है।
यह कार्रवाई उस हादसे के बाद हुई है, जिसमें दिसंबर 2025 में आग लगने से 25 लोगों की जान चली गई थी और कई लोग घायल हुए थे।
🔥 क्या है पूरा मामला
यह घटना 6 दिसंबर 2025 को गोवा के अर्पोरा इलाके में स्थित एक नाइटक्लब में हुई थी।
उस समय क्लब में डांस पार्टी चल रही थी, तभी अचानक आग लग गई। हादसे में करीब 50 लोग घायल भी हुए थे।
🏢 ED की कार्रवाई और जांच
प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत जांच शुरू की और अवैध संचालन से जुड़े पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया।
एजेंसी ने बताया कि यह संपत्तियां एक अस्थायी आदेश के तहत अटैच की गई हैं।
👥 क्लब संचालकों पर शिकंजा
जांच के दौरान एजेंसी ने क्लब के प्रमोटरों और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की।
जनवरी 2026 में गोवा, दिल्ली और हरियाणा में कई स्थानों पर छापेमारी भी की गई थी।
हालांकि, अटैच की गई संपत्तियों के मालिकों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
⚖️ अवैध संचालन पर फोकस
जांच एजेंसी का मानना है कि क्लब का संचालन नियमों के खिलाफ किया जा रहा था।
इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है।
🔍 आगे की जांच जारी
ED अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि अवैध रूप से अर्जित धन का इस्तेमाल किन संपत्तियों में किया गया।












