दिल्ली के मेहरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क में होने वाले एक बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम से पहले लिया गया एक फैसला अब विवादों में घिर गया है।
दरअसल, पार्क में मौजूद आवारा कुत्तों को “हटाने या नियंत्रित करने” के निर्देश पर पशु प्रेमियों और एक्टिविस्ट्स ने कड़ी नाराज़गी जताई है।
📌 क्या है पूरा मामला?
मामला उस पत्र से जुड़ा है, जो 10 अप्रैल को उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी किया गया।
इसमें MCD के साउथ जोन को निर्देश दिए गए कि कार्यक्रम से पहले पार्क और आसपास के इलाके में:
- आवारा कुत्तों को हटाया या नियंत्रित किया जाए
- मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग और फ्यूमिगेशन किया जाए
- सुरक्षा और साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए
यह कार्यक्रम “Rhythm of Spring – A Cultural Evening” नाम से आयोजित होना है, जिसमें कई बड़े नेता, जज और राजनयिक शामिल हो सकते हैं।
🐶 MCD का क्या कहना है?
हालांकि, MCD के एक अधिकारी ने साफ किया कि अभी तक इलाके से किसी भी कुत्ते को नहीं उठाया गया है।
उन्होंने बताया:
- अभी कोई विशेष अभियान नहीं चलाया गया
- केवल शिकायत मिलने पर ही सामान्य कार्रवाई हो रही है
- रविवार को एक टीम पार्क का दौरा जरूर करेगी
ऐसे में सवाल ये है कि क्या आगे कुत्तों को हटाया जाएगा या सिर्फ निगरानी ही होगी।
⚠️ पशु प्रेमियों का विरोध क्यों?
इस आदेश के सामने आते ही पशु अधिकार कार्यकर्ता भड़क उठे। उनका कहना है कि यह फैसला न केवल अमानवीय है, बल्कि पूरी तरह गलत भी है।
🗣️ एक्टिविस्ट्स की प्रमुख दलीलें:
- अंबिका शुक्ला का कहना है कि “हर इवेंट से पहले कुत्तों को हटाना क्रूर और बेकार कदम है। इससे नसबंदी और टीकाकरण की प्रक्रिया धीमी पड़ती है।”
- उनका यह भी कहना है कि
- नसबंदी किए गए कुत्ते आमतौर पर शांत होते हैं
- उन्हें हटाने से वे डरपोक और आक्रामक बन सकते हैं
- यह दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन भी हो सकता है
🐾 इलाके के कुत्तों को हटाने से क्या खतरा?
पशु देखभाल करने वाली आशिमा शर्मा ने एक अहम बात कही।
उनके अनुसार:
- अगर पुराने, परिचित कुत्तों को हटा दिया जाए
- तो नए और अनजान कुत्ते उस इलाके में आ सकते हैं
- इससे झगड़े और हमलों का खतरा बढ़ जाता है
उन्होंने JLN स्टेडियम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी ऐसा ही हुआ था, जब वर्षों से साथ रह रहे कुत्तों को हटाया गया।
🤔 अब सवाल क्या है?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि:
👉 क्या सुरक्षा के नाम पर कुत्तों को हटाना सही है?
👉 या फिर कोई वैकल्पिक तरीका अपनाया जाना चाहिए?
पशु प्रेमियों का सुझाव है कि:
- इवेंट एरिया को बैरिकेड कर दिया जाए
- कुत्तों को उनके इलाके में ही रहने दिया जाए
📊 निष्कर्ष
मेहरौली पार्क का यह मामला एक बार फिर इंसानों और जानवरों के सह-अस्तित्व पर बहस छेड़ रहा है।
ऐसे में जरूरत है संतुलित फैसले की—जहां सुरक्षा भी बनी रहे और जानवरों के अधिकारों का भी सम्मान हो।
❓ FAQ
1. क्या मेहरौली पार्क से कुत्तों को हटाया गया है?
अभी तक MCD के अनुसार कोई कुत्ता नहीं हटाया गया है।
2. कुत्तों को हटाने का विरोध क्यों हो रहा है?
पशु प्रेमियों का मानना है कि यह अमानवीय है और इससे नई समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
3. क्या इसका कोई विकल्प है?
हाँ, विशेषज्ञों का सुझाव है कि इवेंट एरिया को बैरिकेड कर कुत्तों को वहीं रहने दिया जाए।












