दरअसल, ईरान के एक वरिष्ठ धर्मगुरु ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
ऐसे में अब सवाल ये है कि क्या यह विवाद बड़े टकराव में बदल सकता है?
ईरान की कड़ी चेतावनी
ईरान के धर्मगुरु अली शिराज़ी ने साफ कहा
- ट्रंप को ईरानी जनता से माफी मांगनी चाहिए
- दुनिया के सामने स्वीकार करना चाहिए कि यह बड़ी गलती थी
- दुश्मनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए सेना तैयार है
उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल के खिलाफ विरोध एक स्थायी सिद्धांत है।
‘hellhole’ बयान पर भी तंज
दरअसल, ट्रंप के एक पुराने बयान पर भी विवाद बढ़ा है।
- भारत और चीन को लेकर विवादित टिप्पणी
- ईरान ने इसे लेकर ट्रंप पर हमला बोला
- कहा कि ये देश सभ्यता के केंद्र हैं
इससे कूटनीतिक माहौल और गर्म हो गया।
इजराइल-लेबनान में फिर हमले
सीजफायर बढ़ने की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही
- दक्षिण लेबनान में हवाई हमले हुए
- कई इलाकों को निशाना बनाया गया
इससे शांति की उम्मीदों को झटका लगा है।
अमेरिका की सैन्य ताकत बढ़ी
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी मौजूदगी और बढ़ा दी है।
तैनाती की स्थिति
- तीन बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर क्षेत्र में मौजूद
- हिंद महासागर और रेड सी में सक्रिय
यह कदम क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है।
ट्रंप का परमाणु हथियार पर बयान
ट्रंप ने साफ कहा
- वह ईरान के खिलाफ परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करेंगे
- ऐसे हथियारों का उपयोग किसी को नहीं करना चाहिए
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो सैन्य कार्रवाई तेज होगी।
ईरान की सैन्य क्षमता पर दावा
ट्रंप ने दावा किया
- ईरान की नौसेना और वायुसेना कमजोर हो चुकी है
- अगर हथियार फिर जुटाए गए, तो एक दिन में खत्म किए जा सकते हैं
इस बयान ने तनाव और बढ़ा दिया है।
शांति वार्ता पर संकट
दरअसल, कूटनीतिक स्तर पर भी हालात ठीक नहीं हैं।
- पाकिस्तान में होने वाली बातचीत टल गई
- ईरान ने अपनी शर्तों के चलते हिस्सा लेने से इनकार किया
इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का संकट भी गहराता दिख रहा है।
निष्कर्ष
मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बदल रहे हैं।
एक तरफ बयानबाजी तेज है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में अब पूरी दुनिया की नजर इस टकराव पर टिकी हुई है।
FAQ
Q1. ईरान ने ट्रंप से क्या मांग की है?
ईरान ने ट्रंप से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात कही है।
Q2. मिडिल ईस्ट में तनाव क्यों बढ़ रहा है?
सैन्य कार्रवाई, बयानबाजी और शांति वार्ता में रुकावट इसके मुख्य कारण हैं।
Q3. क्या परमाणु हथियार का इस्तेमाल होगा?
ट्रंप ने कहा है कि वह परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करेंगे।












