गुवाहाटी-सिलचर एक्सप्रेसवे से बदलेगी पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी
पूर्वोत्तर भारत में सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में गुवाहाटी-सिलचर एक्सप्रेसवे (Guwahati-Silchar Expressway) एक महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में सामने आ रहा है। प्रस्तावित हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे के बनने के बाद असम के गुवाहाटी (Guwahati) और सिलचर (Silchar) के बीच सड़क यात्रा का समय लगभग 8–9 घंटे से घटकर करीब 5 घंटे रह जाएगा।
करीब 166.8 किलोमीटर लंबा यह एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे असम और मेघालय के कई जिलों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹22,864 करोड़ बताई जा रही है।
चार लेन ग्रीनफील्ड हाईवे के रूप में होगा निर्माण
यह परियोजना एक चार लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Greenfield Expressway) के रूप में विकसित की जा रही है। इसे मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-6 (National Highway-6) के समानांतर बनाया जाएगा ताकि यात्रा तेज और सुरक्षित हो सके।
एक्सप्रेसवे का मार्ग मेघालय के शिलांग के पास मौलिंगखुंग (Mawlyngkhung) से शुरू होकर असम के सिलचर के पास पंचग्राम (Panchgram) तक जाएगा। इस दौरान यह कई महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ेगा।
कई जिलों को मिलेगा सीधा सड़क संपर्क
इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के जरिए मेघालय और असम के कई अहम क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा।
मेघालय के प्रमुख जिले
- वेस्ट खासी हिल्स (West Khasi Hills)
- ईस्ट जैंतिया हिल्स (East Jaintia Hills)
- वेस्ट गारो हिल्स (West Garo Hills)
असम के प्रमुख जिले
- कामरूप मेट्रोपोलिटन (Kamrup Metropolitan)
- नगांव (Nagaon)
- हैलाकांडी (Hailakandi)
इससे ब्रह्मपुत्र घाटी (Brahmaputra Valley) और बराक घाटी (Barak Valley) के बीच आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।
भूस्खलन की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद
वर्तमान में NH-6 के जरिए गुवाहाटी और सिलचर के बीच यात्रा के दौरान मानसून में भूस्खलन (Landslide) की समस्या अक्सर सामने आती है। कई बार सड़क बंद होने से यात्रा में लंबा समय लग जाता है।
नई एक्सप्रेसवे परियोजना में अंडरपास (Underpass) और ओवरपास (Overpass) जैसी आधुनिक सुविधाएँ शामिल की जाएंगी, जिससे यातायात बाधित होने की संभावना कम होगी और सफर अधिक सुगम बन सकेगा।
पर्यटन और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क से पूर्वोत्तर भारत (Northeast India) में पर्यटन और उद्योग दोनों को गति मिल सकती है।
गुवाहाटी, शिलांग और सिलचर जैसे शहरों के बीच तेज सड़क मार्ग बनने से यात्रियों को क्षेत्र के प्रमुख हवाई अड्डों तक पहुंचने में भी सुविधा होगी। इसके साथ ही मेघालय के सीमेंट और कोयला क्षेत्रों (Cement Belt and Coal Belt) से जुड़े उद्योगों के लिए माल ढुलाई आसान हो सकती है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परियोजना
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम के कारण पूर्वोत्तर भारत में परिवहन व्यवस्था कई बार प्रभावित होती है। ऐसे में गुवाहाटी-सिलचर एक्सप्रेसवे को क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुधारने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है।
यह परियोजना न केवल यात्रा समय कम करेगी, बल्कि दूरदराज के जिलों के बीच संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूत करने में मदद कर सकती है।
लेखक – DelhiSamachar
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