मध्य पूर्व संघर्ष का असर वैश्विक तेल बाजार पर
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अमेरिका और इज़राइल के हमलों तथा ईरान की जवाबी कार्रवाई के बीच वैश्विक तेल आपूर्ति (Global Oil Supply – वैश्विक तेल आपूर्ति) को लेकर चिंता बढ़ गई है।
संघर्ष के तीसरे सप्ताह में पहुंचने के बाद क्षेत्र की प्रमुख तेल सुविधाओं और निर्यात केंद्रों पर खतरा मंडराने लगा है। इस स्थिति का असर सीधे कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices – कच्चे तेल की कीमतें) पर दिखाई दे रहा है।
होरमुज़ जलडमरूमध्य बंद होने से सप्लाई प्रभावित
मौजूदा तनाव के बीच होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz – होरमुज़ जलडमरूमध्य) से तेल परिवहन रुकने की खबरों ने वैश्विक बाजार को प्रभावित किया है। यह मार्ग दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड (Brent Crude – ब्रेंट कच्चा तेल) और WTI क्रूड (WTI Crude – वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट) की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। इस महीने अब तक दोनों प्रमुख क्रूड बेंचमार्क में लगभग 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
खाड़ी क्षेत्र की तेल सुविधाएं बढ़ते खतरे में
संघर्ष के दौरान ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग आइलैंड (Kharg Island – खार्ग द्वीप) पर हमले की चेतावनी दी गई है। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
विश्लेषकों के अनुसार खाड़ी क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्र जोखिम में हैं। इनमें शामिल हैं:
- फुजैरा टर्मिनल (Fujairah Oil Terminal – फुजैरा तेल टर्मिनल)
- रास तनूरा टर्मिनल (Ras Tanura Terminal – रास तनूरा निर्यात टर्मिनल)
- अबकैक प्रोसेसिंग सुविधा (Abqaiq Oil Processing Facility – अबकैक तेल प्रसंस्करण केंद्र)
हालांकि जानकारी के अनुसार फुजैरा टर्मिनल पर तेल लोडिंग की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है।
वैश्विक आपूर्ति में गिरावट की आशंका
ऊर्जा विश्लेषकों का अनुमान है कि शिपिंग और उत्पादन में बाधा आने के कारण मार्च महीने में तेल आपूर्ति में करीब 8 मिलियन बैरल प्रतिदिन (Million Barrels Per Day – मिलियन बैरल प्रतिदिन) की कमी हो सकती है।
मध्य पूर्व के कई उत्पादक देशों ने भी उत्पादन में कटौती की है, जिससे वैश्विक बाजार में सप्लाई और सीमित हो सकती है।
रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने का फैसला
तेल कीमतों में तेज वृद्धि को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Oil Reserves – रणनीतिक तेल भंडार) से तेल जारी करने का निर्णय लिया गया है।
सदस्य देशों द्वारा लगभग 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में जारी करने की योजना बनाई गई है ताकि कीमतों में अत्यधिक वृद्धि को नियंत्रित किया जा सके। कुछ देशों ने सोमवार से ही तेल जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की है।
संघर्ष समाप्त होने के संकेत अभी नहीं
राजनयिक स्तर पर तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन अभी तक किसी त्वरित समाधान के संकेत नहीं मिले हैं। क्षेत्र में जारी सैन्य कार्रवाई और राजनीतिक बयानबाजी के कारण निकट भविष्य में स्थिति सामान्य होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
लेखक – DelhiSamachar
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