मालदा घेराव मामला अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के दायरे में आ गया है। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों को घेरने की घटना की जांच के लिए NIA की टीम ने गुरुवार (3 अप्रैल 2026) को मौके का दौरा किया।
यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और चुनाव आयोग के आदेश के बाद शुरू की गई है।
🚨 NIA टीम ने किया मौके का निरीक्षण
करीब 24 सदस्यीय NIA टीम, एक वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में, मोथाबाड़ी और कालियाचक थानों पहुंची।
टीम ने:
- पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की
- घटनास्थल से सैंपल इकट्ठा किए
- हालात का जायजा लिया
बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने उस दौरान वाहनों पर पत्थरबाजी भी की थी।
🛣️ हाईवे जाम और प्रदर्शन
जांच के दौरान NIA अधिकारियों ने कालियाचक क्षेत्र का भी दौरा किया, जहां प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-12 को जाम कर दिया था।
इस वजह से इलाके में यातायात काफी समय तक प्रभावित रहा।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कार्रवाई
इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई थी।
इसके बाद चुनाव आयोग ने NIA को जांच सौंप दी, ताकि घटना की निष्पक्ष जांच हो सके।
👥 अब तक 35 गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया है।
शुक्रवार को दो और आरोपियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें:
- मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा एक व्यक्ति
- एक अन्य आरोपी
शामिल हैं।
दोनों को सिलीगुड़ी के बागडोगरा एयरपोर्ट से पकड़ा गया।
📂 19 केस दर्ज
मोथाबाड़ी और कालियाचक थानों में कुल 19 मामले दर्ज किए गए हैं।
इनमें भीड़ द्वारा हिंसा, सरकारी कार्य में बाधा और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं।
🧭 मामला क्या है
यह घटना उस समय हुई जब स्थानीय लोग मतदाता सूची (SIR) में नाम हटाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
इसी दौरान भीड़ ने सात न्यायिक अधिकारियों को घेर लिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
🔍 आगे क्या
अब NIA की जांच से इस मामले में नई जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
एजेंसी यह पता लगाएगी कि:
- घटना के पीछे कौन लोग थे
- क्या यह सुनियोजित साजिश थी
- और हिंसा कैसे भड़की












