गांदरबल एनकाउंटर जांच को लेकर जम्मू-कश्मीर में सियासत और प्रशासन दोनों सक्रिय हो गए हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और व्यापक होगी, ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके।
⚖️ 7 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश
जम्मू-कश्मीर गृह विभाग ने गांदरबल के जिला मजिस्ट्रेट को जांच सौंपते हुए 7 दिन के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
आदेश में कहा गया है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जाए और तथ्यों को स्पष्ट किया जाए।
👤 मृतक की पहचान और परिवार का दावा
इस एनकाउंटर में मारे गए व्यक्ति की पहचान राशिद अहमद मुगल के रूप में हुई है, जो गांदरबल के चंटवालीवार गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।
परिवार का दावा है कि वह सामान्य नागरिक थे और उनका किसी आतंकी संगठन से कोई संबंध नहीं था।
🔫 सुरक्षा बलों का ऑपरेशन क्या था
31 मार्च से 1 अप्रैल 2026 के बीच अरहामा के जंगल क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया।
इस ऑपरेशन में शामिल थे:
- सेना की 02 असम राइफल्स
- 24 राष्ट्रीय राइफल्स
- CRPF की 49वीं बटालियन
- जम्मू-कश्मीर पुलिस
सेना ने दावा किया कि इस कार्रवाई में एक आतंकी को मार गिराया गया।
मौके से एक AK-56 राइफल, मैगजीन और कई कारतूस बरामद होने की भी जानकारी दी गई।
🗣️ नेताओं की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मामले में पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की है।
वहीं, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी घटना की जांच कराने की बात कही है।
बीजेपी ने जांच के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, जिससे जनता का भरोसा बना रहे।
🧭 विपक्ष और अन्य दलों की उम्मीद
अन्य राजनीतिक दलों ने भी उम्मीद जताई है कि जांच के जरिए सच्चाई सामने आएगी और न्याय सुनिश्चित होगा।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर सुरक्षा ऑपरेशन और नागरिक सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है।












