देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। One Stop Centre (OSC) योजना, जो हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सहायता देने के लिए बनाई गई है, उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रही।
राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ योजना नहीं, बल्कि सरकार की मूल जिम्मेदारी है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही तस्वीर दिखा रहे हैं।
OSC केंद्रों में कमियां: राहुल गांधी के सवाल
राहुल गांधी ने कई अहम मुद्दों को उठाया। उन्होंने पूछा कि जब कोई महिला हिंसा से बचकर One Stop Centre पहुंचती है, तो उसे मदद क्यों नहीं मिलती?
उन्होंने कहा:
- कई OSC केंद्र बंद या पूरी तरह सक्रिय नहीं हैं
- कई जगहों पर स्टाफ की भारी कमी है
- देशभर से आने वाली शिकायतों पर सुनवाई नहीं हो रही
उनका कहना है कि यदि सब कुछ “संतोषजनक” है, जैसा सरकार दावा करती है, तो फिर इतनी शिकायतें सामने क्यों आ रही हैं।
फंडिंग और सहायता पर भी उठे सवाल
राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि महिलाओं की सुरक्षा अगर प्राथमिकता है, तो फिर हर 100 रुपये में से केवल 60 पैसे ही OSC पर खर्च क्यों हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश की कई महिलाएं मदद के लिए दर-दर भटक रही हैं, लेकिन उन्हें जरूरी सहायता नहीं मिल पा रही।
सरकार का पक्ष: योजना को बताया प्रभावी
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से जवाब में कहा गया कि One Stop Centre योजना के तहत अब तक 13.37 लाख से ज्यादा महिलाओं को सहायता दी गई है।
सरकार का कहना है कि:
- OSC केंद्र महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी सहायता, अस्थायी आश्रय और काउंसलिंग जैसी सुविधाएं देते हैं
- योजना का संचालन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है
- स्वतंत्र मूल्यांकन में इस योजना को प्रभावी और उपयोगी बताया गया है
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस मुद्दे पर सियासत भी गरमा गई है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह जमीनी समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ “सब ठीक है” कह देने से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती।
महिला सुरक्षा पर फिर बहस
One Stop Centre से जुड़े मुद्दों ने एक बार फिर देश में महिला सुरक्षा और सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ, तो जरूरतमंद महिलाओं तक मदद पहुंचाना मुश्किल हो सकता है।












