राजस्थान के अजमेर में सामने आए Ajmer Gang Rape Case को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने राज्य की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में आरोपियों को संरक्षण दिया गया और पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की।
घटना के बावजूद महीनों तक नहीं हुई गिरफ्तारी
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह घटना जुलाई 2024 की है, लेकिन मामला तब सामने आया जब पीड़िता गर्भवती हुई। पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज होने और कई शिकायतों के बावजूद करीब 8 महीने तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
बताया गया कि तीन आरोपियों में से अब तक सिर्फ एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है, जबकि बाकी दो को हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया गया।
पीड़िता के परिवार पर हमले का आरोप
कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि 16 मार्च को कोर्ट में पेशी से पहले पीड़िता के परिवार पर हमला किया गया। आरोप है कि समझौता करने से इनकार करने पर परिवार पर हथियारों से हमला हुआ।
हालांकि, इस मामले में परिवार के खिलाफ दर्ज एफआईआर को बाद में बंद कर दिया गया।
SC/ST एक्ट के उल्लंघन का आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस मामले में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।
- पीड़िता को पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई
- संबंधित अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई
पार्टी ने पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा और मुआवजा देने की मांग की है।
दलित उत्पीड़न के आंकड़ों पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस का कहना है कि देश में दलितों के खिलाफ अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पार्टी के मुताबिक, ऐसे 76% मामले कुछ राज्यों से सामने आ रहे हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान प्रमुख हैं।
राहुल गांधी के कार्यक्रम का ऐलान
कांग्रेस नेता ने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर 2018 के SC/ST एक्ट से जुड़े मामलों को वापस लेने की मांग की है।
साथ ही, 12 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर दिल्ली में “Run for Ambedkar, Run for Constitution” मैराथन आयोजित की जाएगी।












