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राहुल गांधी की नागरिकता पर कोर्ट सख्त, FIR दर्ज करने का आदेश

देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।
दरअसल, Rahul Gandhi को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बड़ा आदेश दिया है।

कोर्ट ने उनकी नागरिकता से जुड़े मामले में FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।


क्या है पूरा मामला?

यह मामला राहुल गांधी की कथित विदेशी नागरिकता से जुड़ा है।

  • याचिका कर्नाटक के BJP कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने दायर की
  • आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी के पास ब्रिटिश नागरिकता रही है
  • इसी आधार पर FIR दर्ज करने की मांग की गई

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

Allahabad High Court की लखनऊ बेंच ने सुनवाई के बाद अहम फैसला सुनाया।

  • राज्य सरकार को FIR दर्ज करने का निर्देश
  • मामले की जांच आगे बढ़ाने की बात
  • जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियां भी जांच कर सकती हैं

पहले क्यों खारिज हुई थी याचिका?

अब सवाल ये है कि यह मामला पहले क्यों खारिज हुआ था?

दरअसल:

  • 28 जनवरी को लखनऊ की विशेष MP-MLA कोर्ट ने याचिका ठुकरा दी थी
  • कोर्ट ने कहा था कि नागरिकता पर फैसला देना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है

इसके बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का रुख किया।


किन धाराओं में लगाए गए आरोप?

याचिका में राहुल गांधी पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं:

  • भारतीय दंड संहिता (IPC)
  • आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम
  • विदेशी अधिनियम
  • पासपोर्ट अधिनियम

इन सभी के तहत जांच की मांग की गई है।


मामला लखनऊ कैसे पहुंचा?

शुरुआत में यह शिकायत रायबरेली की अदालत में दायर हुई थी।

लेकिन:

  • बाद में इसे लखनऊ ट्रांसफर किया गया
  • 17 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने स्थानांतरण का आदेश दिया

आगे क्या होगा?

अब इस मामले में अगला कदम अहम होगा।

  • FIR दर्ज होने के बाद जांच शुरू होगी
  • केंद्रीय एजेंसियां भी शामिल हो सकती हैं
  • कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे कार्रवाई होगी

निष्कर्ष: बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद

हाईकोर्ट का यह आदेश आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल को और गरमा सकता है।

ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है।


FAQ

Q1. राहुल गांधी पर FIR क्यों दर्ज करने का आदेश दिया गया?
उनकी कथित विदेशी नागरिकता को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने FIR दर्ज करने को कहा है।

Q2. यह मामला किस कोर्ट में चल रहा था?
पहले यह मामला लखनऊ की MP-MLA कोर्ट में था, बाद में हाईकोर्ट पहुंचा।

Q3. क्या केंद्रीय एजेंसियां भी जांच करेंगी?
जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।

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