Gold Silver Price Today ने सोमवार को निवेशकों को चौंका दिया। वेस्ट एशिया में जारी तनाव के बावजूद सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। आमतौर पर ऐसे हालात में कीमती धातुओं की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार उल्टा रुझान देखने को मिला।
दोपहर करीब 1:00 बजे MCX पर सोना वायदा ₹1,30,891 पर ट्रेड कर रहा था, जो ₹13,601 (9.41%) की गिरावट दर्शाता है। वहीं चांदी वायदा ₹2,03,615 पर पहुंच गई, जिसमें ₹23,157 (10.21%) की बड़ी गिरावट आई।
📉 Gold Silver गिरावट की बड़ी वजह
कीमतों में पहले ही हो चुकी थी तेज बढ़त
पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई थी। वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल के कारण निवेशकों ने बड़ी मात्रा में खरीदारी की थी।
इससे कीमतें काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। अब निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे बाजार में गिरावट आई है।
ब्याज दरों की उम्मीद में बदलाव
एक और अहम कारण है ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें।
कच्चे तेल की कीमत $110 प्रति बैरल से ऊपर रहने के कारण महंगाई का दबाव बढ़ा है। इससे अब ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है और बढ़ोतरी की आशंका बढ़ी है।
उच्च ब्याज दरें सोने के लिए नकारात्मक होती हैं, क्योंकि इसमें फिक्स रिटर्न नहीं मिलता।
🌍 ग्लोबल मार्केट का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट का रुख दिख रहा है।
- स्पॉट गोल्ड करीब $4,372 प्रति औंस तक गिर चुका है
- अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में 4.4% की गिरावट
- पिछले एक हफ्ते में सोना 10% से ज्यादा टूट चुका है
सोना लगातार 9 सत्रों से गिरावट में है, जो बाजार में दबाव को दर्शाता है।
⚠️ बाजार में बढ़ा ‘Risk-Off’ माहौल
वैश्विक स्तर पर निवेशकों का रुझान जोखिम से बचने की ओर है, लेकिन इस बार असर सभी एसेट क्लास पर दिख रहा है।
शेयर बाजार में गिरावट के चलते निवेशक अपने नुकसान की भरपाई के लिए सोना बेच रहे हैं। इसे “लिक्विडिटी प्रेशर” कहा जाता है।
चांदी, जो सोने की तुलना में ज्यादा अस्थिर होती है, उसमें गिरावट और तेज रही।
💡 निवेशकों के लिए क्या संकेत
यह गिरावट लंबी अवधि के ट्रेंड में बदलाव का संकेत नहीं मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी के बाद आई सामान्य करैक्शन है।
- युद्ध और संकट में सोना-चांदी आमतौर पर मजबूत रहते हैं
- लेकिन इस बार पहले ही भारी खरीदारी हो चुकी थी
- अब कीमतें संतुलन में आ रही हैं
📊 आगे क्या करें निवेशक
निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे जल्दबाजी में फैसले न लें।
वैश्विक तनाव और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
लंबी अवधि के निवेशकों को धैर्य बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
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लेखक – DelhiSamachar
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