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Sensex Nifty Crash: मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1800 अंक टूटा और निफ्टी 600 अंक लुढ़का, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और महंगे कच्चे तेल ने बढ़ाया दबाव

Sensex Nifty Crash ने सोमवार (23 मार्च 2026) को निवेशकों को बड़ा झटका दिया। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक बाजारों में कमजोरी के चलते भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई।

सप्ताह की शुरुआत ही भारी बिकवाली के साथ हुई। निवेशकों का रुझान जोखिम से बचने की ओर दिखा, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।


📉 सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,836.57 अंक (2.46%) गिरकर 72,696.39 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह करीब 1,974 अंक तक लुढ़क गया था।

वहीं एनएसई का निफ्टी 601.85 अंक (2.60%) टूटकर 22,512.65 पर आ गया।


🔻 किन शेयरों में सबसे ज्यादा नुकसान

सेंसेक्स की कंपनियों में सबसे ज्यादा गिरावट टाइटन में देखी गई, जो 6.24% तक टूट गया।

इसके अलावा इन शेयरों में भी कमजोरी रही:

  • ट्रेंट
  • अल्ट्राटेक सीमेंट
  • भारत इलेक्ट्रॉनिक्स
  • इंटरग्लोब एविएशन
  • टाटा स्टील
  • एचडीएफसी बैंक

वहीं कुछ आईटी शेयरों ने बाजार को थोड़ा सहारा दिया:

  • एचसीएल टेक
  • पावर ग्रिड
  • इंफोसिस
  • टेक महिंद्रा

🌍 वैश्विक संकेतों का असर

एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली।

  • दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6.49% तक गिरा
  • जापान का निक्केई 225 कमजोर रहा
  • चीन और हांगकांग के बाजार भी लाल निशान में बंद हुए

यूरोपीय बाजारों में भी दबाव बना रहा, जबकि अमेरिकी बाजार पहले ही गिरावट के साथ बंद हो चुके थे।


⛽ कच्चे तेल और युद्ध ने बढ़ाया दबाव

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है।

ब्रेंट क्रूड करीब $113.3 प्रति बैरल तक पहुंच गया। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता गहरा गई है, जो बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है।


💸 विदेशी निवेशकों की बड़ी बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बाजार से बड़ी निकासी की है।

  • शुक्रवार को FIIs ने ₹5,518 करोड़ के शेयर बेचे
  • वहीं DIIs ने ₹5,706 करोड़ की खरीदारी की

इस महीने अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से करीब ₹88,180 करोड़ निकाल चुके हैं।


⚠️ रुपये में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड का असर

रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।

साथ ही, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने महंगाई और आर्थिक चिंताओं को और बढ़ा दिया है।


📊 निवेशकों के लिए क्या संकेत

मौजूदा हालात में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

  • वैश्विक तनाव अभी कम नहीं हुआ है
  • कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं
  • विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है

ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।


✍️ लेखक

लेखक – DelhiSamachar
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