नई दिल्ली। कांग्रेस ने दावा किया कि सरकार बुधवार को लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को पारित कराने की योजना बना रही है, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा क्योंकि यह विधेयक असंवैधानिक है और गैर सरकारी संगठनों, विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा संचालित संगठनों को नष्ट कर देगा। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को बताया कि कांग्रेस सांसदों को दिल्ली पहुंचने और बुधवार को सदन में मौजूद रहने के लिए कहा गया है। कांग्रेस बुधवार सुबह संसद परिसर में इस विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। वेणुगोपाल ने सोशल
मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भाजपा कल संसद में एफसीआरए संशोधनों को पारित करने की योजना बना रही है। यह ऐसे समय हो रहा है जब कांग्रेस और कई विपक्षी दल चुनावों में व्यस्त हैं।” उन्होंने दावा किया कि यह स्पष्ट रूप से असंवैधानिक विधेयक है, जो गैर सरकारी संगठनों और सामुदायिक संगठनों, विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा संचालित संगठनों को नष्ट कर देगा। वेणुगोपाल ने कहा, “हम भाजपा को इस कठोर विधेयक के माध्यम से ईमानदार परोपकारी संस्थानों का गला नहीं घोंटने देंगे।”
उन्होंने बताया कि कांग्रेस सांसदों को तत्काल दिल्ली पहुंचने और बुधवार को संसद की कार्यवाही में भाग लेने के लिए कहा गया है। कांग्रेस नेता ने कहा, “कांग्रेस इस विधेयक के खिलाफ सुबह 10.30 बजे संसद के बाहर प्रदर्शन करेगी। हम इसे किसी भी हालत में पारित नहीं होने देंगे।” गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बीते बुधवार को लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया था। इस विधेयक का उद्देश्य विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 में संशोधन करना है। राय ने कहा था कि यह विधेयक विदेशी अंशदान के उपयोग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाएगा।












