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रेल कोच मरम्मत में बड़ा खुलासा: सेकेंड हैंड पार्ट्स से की गई रिपेयरिंग, 100 दिन में फेल हुए डिब्बे, PAC ने जताई यात्री सुरक्षा पर चिंता

रेल कोच मरम्मत लापरवाही को लेकर संसद की लोक लेखा समिति (PAC) ने गंभीर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में सामने आया है कि भुवनेश्वर के मंचेश्वर स्थित कोच रिपेयर वर्कशॉप में ट्रेन डिब्बों की मरम्मत के दौरान सेकेंड हैंड पार्ट्स का इस्तेमाल किया गया, जिससे यात्री सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

यह मामला तब उजागर हुआ जब मरम्मत के बाद कई कोच 100 दिनों के भीतर ही खराब हो गए


⚠️ 100 दिन में फेल हुए कोच

जांच में पाया गया कि 2020 से 2023 के बीच मरम्मत किए गए 3,402 कोचों में से 131 कोच 100 दिन के अंदर खराब हो गए

इनमें से सिर्फ 14 मामलों की जानकारी वर्कशॉप को दी गई, जबकि 117 मामलों की रिपोर्ट ही नहीं की गई


🔧 सेकेंड हैंड पार्ट्स का इस्तेमाल

PAC ने पाया कि कई कोचों में जरूरी मैकेनिकल पार्ट्स, जिन्हें बदलना अनिवार्य था, उनकी जगह पुराने और इस्तेमाल किए गए पार्ट्स लगाए गए

यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे यात्रियों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ गया।


🏭 वर्कशॉप की कार्यप्रणाली पर सवाल

मंचेश्वर कोच रिपेयर वर्कशॉप, जो ईस्ट कोस्ट रेलवे के अंतर्गत आती है, की क्षमता 150 कोच प्रति माह तक है।

लेकिन रिपोर्ट में पाया गया कि:

  • मरम्मत के लक्ष्य वास्तविकता से ज्यादा तय किए गए
  • मशीनों और संसाधनों का सही उपयोग नहीं हुआ
  • डेटा में भी कई गड़बड़ियां पाई गईं

📊 लक्ष्य और प्रदर्शन में अंतर

वर्कशॉप ने 2020–23 के दौरान 4,370 कोचों की मरम्मत का लक्ष्य रखा, जिसे बाद में घटाकर 3,796 किया गया।

इसके बावजूद वास्तविक काम केवल 3,402 कोचों तक ही सीमित रहा


🔍 खराब गुणवत्ता और निगरानी की कमी

PAC ने कहा कि 100 दिन के भीतर कोच फेल होना वर्कशॉप के खराब प्रदर्शन और घटिया गुणवत्ता का संकेत है।

हालांकि, स्टाफ की निगरानी बढ़ाने के बाद कुछ सुधार देखने को मिला।


🛠️ सुधार के लिए सुझाव

समिति ने कई अहम सिफारिशें दी हैं:

  • सेकेंड हैंड पार्ट्स के इस्तेमाल पर तुरंत रोक
  • तीसरे पक्ष से स्वतंत्र जांच
  • मशीनों की खरीद में पारदर्शिता
  • खराब कोचों की रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत करना

💰 सार्वजनिक धन के दुरुपयोग पर चिंता

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई मशीनें बेकार पड़ी रहीं, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हुई।

समिति ने कहा कि मशीनों का सही उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है।


🧭 आगे क्या

अब उम्मीद की जा रही है कि रेलवे इन सिफारिशों पर अमल करते हुए:

  • सुरक्षा मानकों को मजबूत करेगा
  • और मरम्मत की गुणवत्ता में सुधार लाएगा

ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

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