दरअसल, भारत के मोस्ट वांटेड आर्थिक भगोड़े नीरव मोदी प्रत्यर्पण मामला में ब्रिटेन की अदालत से बड़ा फैसला आया है। UK की हाईकोर्ट ने नीरव मोदी की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने प्रत्यर्पण मामले को दोबारा खोलने की अपील की थी।
ऐसे में अब सवाल ये है कि क्या नीरव मोदी को भारत लाने की प्रक्रिया और तेज हो सकती है? आइए समझते हैं पूरा मामला।
⚖️ कोर्ट ने क्या कहा?
लंदन हाईकोर्ट की दो जजों वाली बेंच ने अपने फैसले में कहा कि:
- मामले को दोबारा खोलने के लिए कोई असाधारण परिस्थिति नहीं है
- भारत सरकार के आश्वासन भरोसेमंद हैं
- ये आश्वासन स्पष्ट और अच्छे इरादे से दिए गए हैं
कोर्ट ने माना कि भारत ने जो वादे किए हैं, वे लागू होंगे और उनका पालन किया जाएगा।
🇮🇳 भारत ने कोर्ट को क्या आश्वासन दिया?
भारत सरकार ने अदालत में साफ कहा कि अगर नीरव मोदी का प्रत्यर्पण होता है तो:
- जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ नहीं करेंगी
- मामला सीधे ट्रायल की प्रक्रिया में जाएगा
- जरूरत पड़ने पर ही और वह भी UK की अनुमति से पूछताछ हो सकती है
सरकार ने यह भी बताया कि:
- जांच पूरी हो चुकी है
- केस अदालत में सुनवाई के लिए तैयार है
🧾 नीरव मोदी ने अपनी अपील में क्या कहा था?
नीरव मोदी की तरफ से दलील दी गई थी कि अगर उन्हें भारत भेजा गया तो:
- उनसे कड़ी पूछताछ हो सकती है
- जेल में उनके साथ दुर्व्यवहार या यातना का खतरा हो सकता है
इसके समर्थन में उन्होंने कुछ गवाह भी पेश किए थे और एक दूसरे मामले का हवाला दिया था जिसमें भारत को प्रत्यर्पण से मना कर दिया गया था।
📌 कोर्ट ने फिर भी भारत के पक्ष में फैसला क्यों दिया?
कोर्ट ने माना कि कुछ मामलों में चिंताएं जरूर उठी थीं, लेकिन इस केस में:
- भारत के लिखित आश्वासन मजबूत थे
- मामला काफी हाई-प्रोफाइल है
- नीरव मोदी को कानूनी और मेडिकल सुविधा मिलेगी
इन कारणों से अदालत ने अपील दोबारा खोलने से इनकार कर दिया।
💰 क्या है पूरा PNB घोटाला मामला?
नीरव मोदी पर आरोप है कि उन्होंने:
- पंजाब नेशनल बैंक से करीब ₹6,498 करोड़ की धोखाधड़ी की
- इस बड़े घोटाले में उनके रिश्तेदार मेहुल चोकसी का भी नाम आया
महत्वपूर्ण बातें:
- 2019 में लंदन में गिरफ्तारी हुई
- 2021 में प्रत्यर्पण का आदेश दिया गया था
- ED ने हजारों करोड़ की संपत्ति अटैच की
🧾 निष्कर्ष
कुल मिलाकर, UK हाईकोर्ट का यह फैसला भारत के लिए बड़ी कानूनी सफलता माना जा रहा है। इससे नीरव मोदी को भारत लाने की प्रक्रिया और मजबूत हो सकती है।
अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है।












