US Iran ceasefire को लेकर बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को दो सप्ताह के लिए रोकने का ऐलान किया है। यह फैसला उस शर्त पर लिया गया है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोल देगा।
इस युद्धविराम से पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और बातचीत का रास्ता खुलने की उम्मीद बढ़ी है।
🤝 पाकिस्तान की मध्यस्थता से समझौता
इस पूरे समझौते में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है।
पाकिस्तान की पहल पर दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ी और अब 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में सीधे वार्ता प्रस्तावित है।
बताया गया है कि सभी पक्षों ने तत्काल प्रभाव से युद्धविराम पर सहमति जताई है।
🌍 होर्मुज जलडमरूमध्य पर बड़ी शर्त
इस समझौते की सबसे अहम शर्त होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना है।
यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा ऊर्जा आपूर्ति होता है।
ईरान ने भी युद्धविराम के दौरान सुरक्षित समुद्री आवाजाही सुनिश्चित करने की बात कही है।
📜 ईरान की 10 सूत्रीय योजना
ईरान ने बातचीत के लिए 10 बिंदुओं का प्रस्ताव रखा है, जिसमें प्रमुख मांगें शामिल हैं:
- सभी प्रतिबंध हटाना
- यूएन प्रतिबंध समाप्त करना
- परमाणु कार्यक्रम जारी रखने की अनुमति
- अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी
- क्षेत्र में सभी संघर्ष समाप्त करना
अमेरिका ने इस प्रस्ताव को बातचीत का आधार मानने पर सहमति जताई है।
⚠️ पहले प्रस्ताव को ठुकराया गया था
इससे पहले अमेरिका ने 15 बिंदुओं का प्रस्ताव भेजा था, जिसे ईरान ने खारिज कर दिया था।
बाद में ईरान के प्रस्ताव पर बातचीत शुरू हुई, जिससे यह समझौता संभव हो पाया।
🗣️ इजरायल की प्रतिक्रिया
इजरायल ने इस युद्धविराम का स्वागत किया है, लेकिन स्पष्ट किया कि यह समझौता लेबनान पर लागू नहीं होगा।
🔍 आगे क्या?
आने वाले दिनों में इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता पर सबकी नजरें टिकी हैं।
अगर यह बातचीत सफल रहती है, तो पश्चिम एशिया में लंबे समय से चले आ रहे तनाव में कमी आ सकती है।












