West Asia Conflict को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से अहम बातचीत की। शनिवार (28 मार्च 2026) को हुई इस टेलीफोनिक चर्चा में दोनों नेताओं ने क्षेत्र में जारी तनाव और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान ऊर्जा ढांचे पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा दोहराई और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लाइनों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया।
🌍 समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर सहमति
बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि
- वैश्विक व्यापार के लिए समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता बेहद जरूरी है
- शिपिंग रूट को खुला और सुरक्षित रखना प्राथमिकता होनी चाहिए
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ रहा है।
⛽ ऊर्जा ढांचे पर हमलों की निंदा
प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्रीय ऊर्जा संरचनाओं पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे हमले न केवल संबंधित देशों बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकते हैं।
🇮🇳 भारतीय समुदाय के लिए आभार
प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीयों के कल्याण के लिए वहां की सरकार के सहयोग की सराहना की।
उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने में सऊदी नेतृत्व का समर्थन महत्वपूर्ण है।
📞 दूसरी बार हुई बातचीत
पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी और सऊदी क्राउन प्रिंस के बीच दूसरी टेलीफोनिक बातचीत है।
इससे पहले भी दोनों नेताओं ने हालात पर चर्चा की थी।
⚠️ होर्मुज जलडमरूमध्य का बढ़ता महत्व
इस संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य की अहमियत और बढ़ गई है।
- दुनिया की लगभग 20% ऊर्जा आपूर्ति इसी मार्ग से गुजरती है
- वर्तमान हालात में जहाजों की आवाजाही सीमित हो गई है
इस कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
🌐 अन्य वैश्विक नेताओं से भी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने हालात को लेकर कई अन्य देशों के नेताओं से भी बातचीत की है। इनमें शामिल हैं:
- यूएई
- कतर
- बहरीन
- कुवैत
- जॉर्डन
- ईरान
- फ्रांस
- इज़राइल
- मलेशिया
इसके अलावा, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भी उनकी चर्चा हुई, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचार साझा किए गए।












