IPL टिकट ब्लैक मार्केट का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। बेंगलुरु में खेले गए हाई-प्रोफाइल मुकाबले के दौरान पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला चल रहा था।
इस पूरे मामले ने m-टिकटिंग सिस्टम पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसे ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए लागू किया गया था।
⚡ m-टिकटिंग सिस्टम में सामने आई खामी
2025 में हुई भगदड़ की घटना के बाद m-टिकटिंग सिस्टम लागू किया गया था। इसके तहत टिकट सीधे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे जाते हैं, ताकि हर टिकट को ट्रैक किया जा सके।
लेकिन हालिया कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि सिस्टम में अब भी खामियां मौजूद हैं और इसका गलत फायदा उठाया जा रहा है।
🚨 पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
5 अप्रैल को हुए इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कुल 7 मामले दर्ज किए।
- कुल 28 IPL टिकट बरामद
- 8 मोबाइल फोन जब्त
- जब्त सामग्री की कीमत करीब ₹4.53 लाख
पुलिस के मुताबिक, 10 आरोपियों को एक थाना क्षेत्र से पकड़ा गया, जिनके पास अलग-अलग कीमत के टिकट और व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट मिले। इनका इस्तेमाल ऑनलाइन अवैध बिक्री के लिए किया जा रहा था।
📱 डिजिटल तरीके से हो रही थी कालाबाजारी
एक अन्य कार्रवाई में एक व्यक्ति को अलग इलाके से गिरफ्तार किया गया। उसके पास:
- 10 टिकट
- 1 मोबाइल फोन
- डिजिटल सबूत
बरामद किए गए, जिससे यह संकेत मिला कि टिकट ऊंची कीमत पर बेचने की कोशिश की जा रही थी।
🔍 जांच जारी, नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी टिकट कैसे हासिल कर रहे थे और उन्हें आगे कैसे ट्रांसफर किया जा रहा था।
अधिकारियों ने साफ कहा है कि बड़े आयोजनों में टिकटों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।












