वानखेड़े स्टेडियम में गुरुवार का दिन सिर्फ एक समारोह नहीं था, बल्कि एक भावुक कहानी का पूरा होना था।
दरअसल, जब रवि शास्त्री के नाम पर स्टैंड का उद्घाटन हुआ, तो यह पल उनकी मां लक्ष्मी शास्त्री के लिए बेहद खास बन गया।
💖 मां की आंखों में यादें और गर्व
लक्ष्मी शास्त्री ने इस मौके पर अपनी भावनाएं खुलकर साझा कीं।
उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह अपने बेटे के नाम वाले स्टैंड के सामने खड़ी होंगी।
🗣️ क्या बोलीं लक्ष्मी शास्त्री?
- “यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है”
- “मैं यहां मैच देखने आया करती थी”
- “आज यह सब भगवान की कृपा और रवि की मेहनत का फल है”
ऐसे में उनकी बातों में एक मां का गर्व साफ झलक रहा था।
🏏 बचपन से शुरू हुई थी ये यात्रा
दरअसल, लक्ष्मी शास्त्री 1960 के दशक से क्रिकेट की बड़ी फैन रही हैं।
उन्होंने ही रवि को बचपन से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
लेकिन इस खास मौके पर एक कमी भी महसूस हुई।
😔 पिता की कमी खली
रवि शास्त्री के पिता डॉ. जयद्रिता शास्त्री अब इस दुनिया में नहीं हैं।
लक्ष्मी जी ने कहा कि काश वह आज यहां होते।
📖 1984 की यादें फिर हुईं ताजा
इस समारोह में एक पुरानी याद भी ताजा हुई।
जब 1984 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान रवि शास्त्री बल्लेबाजी कर रहे थे।
🔹 खास किस्सा
- उस समय एस.के. वानखेड़े ने उनके माता-पिता को पहचान लिया
- उन्हें खास सीट पर बैठाकर मैच दिखाया
- वहीं से उन्होंने अपने बेटे का शतक देखा
अब सवाल ये है कि वही जगह आज उनके बेटे के नाम हो जाना कितनी बड़ी बात है—यह समझना मुश्किल नहीं।
🌟 शास्त्री ने भी जताया परिवार का आभार
रवि शास्त्री ने अपने भाषण में परिवार के योगदान को खास तौर पर याद किया।
उन्होंने कहा कि अगर परिवार का साथ नहीं होता, तो वह यहां तक नहीं पहुंच पाते।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनकी मां क्रिकेट को लेकर उनसे भी ज्यादा जुनूनी हैं।
🏆 कौन सा पल सबसे यादगार?
लक्ष्मी शास्त्री ने बताया कि यह दिन बेहद खास है, लेकिन उनके लिए कुछ और पल हमेशा सबसे ऊपर रहेंगे:
- 1985 में छह छक्के
- Benson & Hedges चैंपियनशिप जीतना
📍 खास बात: जहां से शुरुआत, वहीं मिला सम्मान
दिलचस्प बात ये है कि जिस जगह आज रवि शास्त्री का स्टैंड बना है,
वहीं उन्होंने 1976 में एक दर्शक के रूप में अपना पहला टेस्ट मैच देखा था।
ऐसे में यह सम्मान सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक पूरी यात्रा का प्रतीक बन गया है।
❓ FAQ
Q1. रवि शास्त्री स्टैंड कहां बनाया गया है?
वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई में उनके नाम पर स्टैंड बनाया गया है।
Q2. इस मौके पर कौन भावुक हुआ?
रवि शास्त्री की मां लक्ष्मी शास्त्री इस मौके पर बेहद भावुक नजर आईं।
Q3. इस सम्मान की खास बात क्या है?
जिस जगह से उन्होंने क्रिकेट देखना शुरू किया, वहीं आज उनके नाम का स्टैंड बना है।
📝 निष्कर्ष
कुल मिलाकर, यह सिर्फ एक खिलाड़ी को मिला सम्मान नहीं है, बल्कि एक परिवार की मेहनत, सपनों और संघर्ष की कहानी है।
वानखेड़े स्टेडियम में बना यह स्टैंड आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा।












