कोलकाता वोटर लिस्ट विवाद: पूर्व जज का नाम हटा

📰 कोलकाता वोटर लिस्ट विवाद: पूर्व जज का नाम हटने से हड़कंप

दरअसल, कोलकाता में वोटर लिस्ट से एक बड़े नाम के गायब होने से नया विवाद खड़ा हो गया है।
जब एक पूर्व हाईकोर्ट जज का ही नाम सूची से हटा दिया जाए, तो आम लोगों के मन में सवाल उठना लाज़मी है।

ऐसे में अब सवाल ये है कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?


⚖️ कौन हैं साहिदुल्लाह मुंशी?

साहिदुल्लाह मुंशी:

  • कोलकाता हाईकोर्ट के पूर्व जज रह चुके हैं (2013–2020)
  • फिलहाल पश्चिम बंगाल वक्फ बोर्ड के चेयरपर्सन हैं

उन्होंने खुद बताया कि वोटर लिस्ट से उनका नाम हटाया जाना बेहद चौंकाने वाला है।


😲 कैसे हटा नाम?

मुंशी के मुताबिक:

  • उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया था
  • उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए
    • 2002 की वोटर लिस्ट
    • पासपोर्ट
    • पैन कार्ड

इसके बावजूद उनका नाम हटा दिया गया।

उन्होंने कहा,
“यह समझ से परे है। अधिकारी भी हैरान थे, फिर भी मामला जांच में चला गया।”


👨‍👩‍👦 परिवार का क्या हाल?

यह मामला और भी उलझा हुआ है:

  • पत्नी और बड़े बेटे का नाम अभी भी जांच में है
  • छोटे बेटे को हाल ही में नया वोटर कार्ड मिला है

यानी एक ही परिवार में अलग-अलग स्थिति देखने को मिल रही है।


📊 लाखों नाम जांच के दायरे में

जानिए इस पूरे मामले का बड़ा आंकड़ा:

  • 28 फरवरी को अंतिम वोटर लिस्ट जारी हुई
  • 60 लाख से ज्यादा मामलों को जांच के लिए भेजा गया
  • अब तक 32 लाख मामलों में फैसला हुआ
  • इनमें से करीब 35–40% नाम हटा दिए गए

⚖️ अब क्या करेंगे मुंशी?

मुंशी का कहना है कि:

  • उन्हें नाम हटाने की कोई वजह नहीं बताई गई
  • अब वे ट्रिब्यूनल में अपील करेंगे

उन्होंने यह भी कहा कि शायद जल्दबाजी में दस्तावेजों की ठीक से जांच नहीं हुई।


🏛️ चुनाव आयोग की तैयारी

चुनाव आयोग ने:

  • पूरे पश्चिम बंगाल में 19 अपीलीय ट्रिब्यूनल बनाए हैं
  • रिटायर्ड जजों को इसमें नियुक्त किया गया है

ये ट्रिब्यूनल उन मामलों की सुनवाई करेंगे, जिनमें नाम “अंडर एडजुडिकेशन” में है।


🗳️ सियासी घमासान तेज

इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है।

TMC का आरोप

टीएमसी नेता अरूप चक्रवर्ती ने कहा:

  • चुनाव आयोग बीजेपी को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहा है
  • वोटर लिस्ट से नाम हटाना उसी रणनीति का हिस्सा है

BJP की प्रतिक्रिया

बीजेपी नेता राहुल सिन्हा ने कहा:

  • इस मामले पर टिप्पणी चुनाव आयोग ही कर सकता है

📌 क्या है पूरा मामला? (Featured Snippet)

कोलकाता वोटर लिस्ट विवाद में पूर्व हाईकोर्ट जज साहिदुल्लाह मुंशी का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है, जबकि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए थे। अब वे इस फैसले के खिलाफ अपील करने की तैयारी में हैं।


🧾 निष्कर्ष

यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरी चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।
ऐसे में जरूरी है कि हर वोटर का अधिकार सुरक्षित रहे और किसी भी तरह की गलती को जल्द सुधारा जाए।

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