नई दिल्ली। भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने सोमवार को कहा कि ‘अगर ईरान अपना रुख बदलता है तो हम युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार हैं।’ पश्चिम एशिया में ईरान तथा अमेरिका एवं इजराइल के बीच 17 दिनों से लड़ाई चल रही है। अजार ने यहां पत्रकारों से कहा कि पिछले कुछ दिनों में इजराइल ने अमेरिका तथा क्षेत्र के अन्य देशों में अपने साझेदारों के जरिए ”कूटनीतिक माध्यमों” से बातचीत की । सोमवार को युद्ध के 17वें दिन इजराइल की योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर अजार ने कहा, ”मुझे नहीं लगता कि पूर्ण रूप से जमीनी आक्रमण की कोई संभावना है।” अजार ने यह भी कहा कि सैन्य कार्रवाई के माध्यम से, “हमने ईरान की मिसाइल दागने की क्षमता को काफी हद तक कम कर दिया है।”
इजराइली राजदूत ने कहा, ”हम अब भी लॉन्चरों की तलाश कर रहे हैं… और शेष बची अन्य सैन्य क्षमताओं की भी,” दूत ने कहा। अजार ने कहा, “इस समय हम ईरान के हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण कर रहे हैं। ईरान बेहद मुश्किल स्थिति में है।” पश्चिम एशिया में संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई जब अमेरिका और इजराइल के गठबंधन ने ईरान पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में, ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकाने प्रदान कर रहे खाड़ी देशों पर हमला किया तथा अमेरिका और इजराइल के खिलाफ दबाव बनाने के लिए रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर दिया। जब अजार से पूछा गया कि क्या ईरान की जवाबी कार्रवाई ने इजराइल को अपने संभावित लक्ष्यों को बदलने पर मजबूर किया है, तो उन्होंने कहा, ”इस अभियान के उद्देश्य में जरा भी बदलाव नहीं आया है। बल्कि, हम उम्मीद करते हैं कि ईरान में शासन में बदलाव आएगा।”
अजार ने यह भी कहा, “अगर ईरान अपना रुख बदलता है और इजराइल को मान्यता देता है तथा कूटनीतिक तरीके से संवाद में शामिल होता है तो भविष्य ‘उज्ज्वल’ होगा।” पत्रकारों ने अजार से यह भी पूछा कि क्या इजराइल कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के समाधान पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा, ” पिछले कुछ दिनों में, इजराइल ने अपने सहयोगी देशों, अमेरिका, क्षेत्रीय देशों और कुछ अन्य देशों, जिनके साथ उसके राजनयिक संबंध नहीं हैं, समेत कई राजनयिक चैनलों से परामर्श किया।” उन्होंने कहा, ”हम हमेशा कूटनीति के पक्ष में रहे हैं। दुर्भाग्य से, कूटनीति के सभी प्रयास विफल हो गए और हमें सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी। हमें उम्मीद है कि हमारी इस सैन्य कार्रवाई के परिणामस्वरूप कूटनीति फिर से प्रासंगिक हो जाएगी।”
उन्होंने कहा, ”अगर ईरान अपना रुख बदलता है तो हम शत्रुता समाप्त करने के लिए तैयार हैं।” जब अजार से यह भी पूछा गया कि क्या इस संघर्ष के लंबे समय तक चलने वाले युद्ध में तब्दील होने की स्थिति में इजराइल तैयार है तो उन्होंने कहा, ”हमारे पास पर्याप्त ऑक्सीजन और क्षमता है जिससे हम सभी विकल्पों के समाप्त होने तक इसे जारी रख सकते हैं।” इस लड़ाई ने वैश्विक विमानन संचालन और तेल की कीमतों को प्रभावित किया है। उसने एक गंभीर ऊर्जा संकट को भी जन्म दिया है। अजार ने बाद में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा,”हमें पूरा विश्वास है कि हम ईरानी शासन की सैन्य शक्ति को काफी हद तक कम करने में सफल रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इजराइल दोनों ने ‘ईरान की नौसेना, वायु सेना और उनकी उत्पादन क्षमताओं का एक बड़ा हिस्सा नष्ट कर दिया है; अब उनका उत्पादन शून्य हो गया है।












